यक्ष प्रश्ना:

 महाभारत के वन पर्व में वर्णित 'यक्ष प्रश्न' युधिष्ठिर और यमराज (यक्ष रूप में) के बीच एक प्रसिद्ध दार्शनिक संवाद है, जहाँ युधिष्ठिर ने अपनी बुद्धि से मृत भाइयों को पुनर्जीवित किया। यक्ष ने धर्म, जीवन, मृत्यु, और नैतिकता पर कठिन प्रश्न पूछे, जिनके सटीक उत्तर देकर युधिष्ठिर ने साबित किया कि धैर्य, धर्म और ज्ञान ही मनुष्य के सच्चे साथी हैं। 


यक्ष और युधिष्ठिर के प्रमुख प्रश्न-उत्तर (यक्ष प्रश्न संवाद):
  • यक्ष: पृथ्वी से भारी क्या है?
    • युधिष्ठिर: माता।
  • यक्ष: आकाश से ऊँचा क्या है?
    • युधिष्ठिर: पिता।
  • यक्ष: हवा से भी तेज़ क्या चलता है?
    • युधिष्ठिर: मन।
  • यक्ष: तिनकों से भी अधिक संख्या किसकी है?
    • युधिष्ठिर: चिंता।
  • यक्ष: सो जाने पर भी आँखें कौन नहीं मूँदता?
    • युधिष्ठिर: मछली।
  • यक्ष: धन में श्रेष्ठ क्या है?
    • युधिष्ठिर: ज्ञान।
  • यक्ष: लाभ में श्रेष्ठ क्या है?
    • युधिष्ठिर: आरोग्य (स्वस्थ रहना)।
  • यक्ष: सुख क्या है?
    • युधिष्ठिर: संतोष।
  • यक्ष: सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है?
    • युधिष्ठिर: प्रतिदिन प्राणी मृत्यु को प्राप्त होते हैं, फिर भी जो शेष हैं, वे हमेशा रहने की इच्छा करते हैं। इससे बड़ा आश्चर्य क्या है?।
  • यक्ष: विदेश जाने वाले का साथी कौन है?
    • युधिष्ठिर: विद्या।
यक्ष ने युधिष्ठिर के सत्यवादी आचरण से प्रसन्न होकर चारों पांडवों को जीवित कर दिया था। 

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