भारतीयज्ञान परमपरा

 भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge System - IKS) वेदों, उपनिषदों, दर्शनों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित भारत की हज़ारों साल पुरानी समृद्ध बौद्धिक विरासत है। यह केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि विज्ञान, गणित, आयुर्वेद, कला और सामाजिक-नैतिक जीवन का समग्र संगम है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह स्वदेशी ज्ञान प्रणाली सतत विकास और मानवीय कल्याण पर जोर देती है। 


भारतीय ज्ञान परंपरा की मुख्य विशेषताएँ:
  • प्राचीन और विविध: यह वैदिक काल से शुरू होकर, पुराणों, रामायण, महाभारत और दर्शन (सांख्य, योग, न्याय, वेदांत) के माध्यम से विकसित हुई है।
  • वैज्ञानिक आधार: प्राचीन भारतीय ज्ञान ने गणित (शून्य की अवधारणा, आर्यभट्ट), खगोल विज्ञान, धातु विज्ञान (Metallurgy) और वास्तुकला में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  • स्वास्थ्य और चिकित्सा: आयुर्वेद, योग और नाड़ी चिकित्सा इस परंपरा के मुख्य स्तंभ हैं, जो स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देते हैं।
  • सर्वांगीण विकास: यह ज्ञान केवल व्यावसायिक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों पर आधारित है।
  • सतत परंपरा: यह परंपरा आज भी प्रासंगिक है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत इसे फिर से आधुनिक शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया जा रहा है। 





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